लखनऊ में KGMU के नर्सिंग अफसर और दोस्त की हत्या, 50 लाख की फिरौती के लिए बनाया था बंधक; चलती थार से घाघरा में फेंके शव

Lucknow: लखनऊ में KGMU के सहायक नर्सिंग अधीक्षक पवन कुमार गर्ग और उनके दोस्त सचिन विश्वकर्मा की हत्या की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। दोनों 27 सितंबर की रात से लापता थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने दोनों को बुलाया और 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए बंधक बना लिया। रकम नहीं मिलने पर दोनों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी नितिन मिश्रा को पवन पहले से जानते थे। पवन ने जमीन में निवेश के लिए अपने पास 50 से 60 लाख रुपये होने की बात बताई थी। इसी जानकारी के बाद नितिन ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण और फिरौती की साजिश रची।

27 सितंबर की रात पवन अपने दोस्त सचिन के साथ इटौंजा पहुंचे। दोनों को एक ढाबे पर ले जाया गया, जहां शराब पीने के दौरान कहासुनी भी हुई। इसके बाद उन्हें अन्नामऊ स्थित निर्माणाधीन मकान में ले जाकर अलग-अलग कमरों में बंधक बनाया गया।
पुलिस का कहना है कि रकम देने से इनकार करने पर आरोपियों को पकड़े जाने का डर सताने लगा। 28 सितंबर दोपहर करीब 12 बजे दोनों की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे शवों को थार में लादकर महमूदाबाद के चलहरी घाट ले जाया गया और घाघरा नदी में फेंक दिया गया।

जांच को भटकाने के लिए आरोपियों ने पवन की ब्रेजा कार सीतापुर में खड़ी कर दी थी। पुलिस ने पांच आरोपियों—नितिन मिश्रा, प्रकाश सिंह, सूरज सिंह, मोहित सिंह और अवनीश मौर्य—को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से मृतकों के आभूषण, दस्तावेज और वारदात में इस्तेमाल वाहन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब शवों की बरामदगी और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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